Thursday, March 20, 2014

मैं मनुष्य हूँ !

श्वान कितना भी उन्मत्त हो
भौंकता है, गुर्राता है ..  पर
स्वयं को काट न खाता है
मैं मनुष्य हूँ - यह दर्शाता है!

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