संदेश

तुम तो मेरे दोस्त थे !!!!

माँ !

विरोध

ऐसे मगर हम साथ तो हैं

एक रास्ता सब के लिए तो इस जीवन ने छोड़ा है

किस आस से

और न कोई होगा

चुप ही फिर रह जाना

इस कारण डूब नहीं पाया

टिकता नहीं जरा भी.......

स्याही के दो बूँद